आयुष मंत्रालय ने राजधानी के एलबीएस होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल और होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, भोपाल सहित सहित प्रदेश के 6 होम्योपैथिक कॉलेजों की सत्र 2016-17 व 2017-18 के लिए मान्यता (सत्र शून्य) रद्द कर दी है। इनमें से कुछ कॉलेजों ने मंजूरी नहीं मिलने के बाद भी प्रवेश दे दिया। इससे प्रदेश के 1500 से ज्यादा बीएचएमएस छात्रों की डिग्री की वैधता पर संकट खड़ा हो गया है।
आयुष मंत्रालय ने हाल ही में आदेश जारी कर कहा है कि मप्र के 8 होम्योपैथिक कॉलेजों को बीएचएमएस कोर्स में छात्रों को प्रवेश देने के अधिकार सत्र 2016-17 व 2017-18 में नहीं दिए गए हैं। इसका कारण ऐसे कॉलेजों द्वारा मान्यता के मानकों पर खरा नहीं उतरना है। वहीं मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर ने मंत्रालय के आदेश को दरकिनार कर ऐसे छात्रों की अवैध रूप से परीक्षा भी करा दी है।
कोर्ट से भी नहीं मिली कॉलेजों काने राहत: सत्र 2016-17 व 2017-18 में बीएचएमएस कोर्स में छात्रों को प्रवेश देने का अधिकार आयुष मंत्रालय ने नहीं दिया। इसके बाद कुछ कॉलेज कोर्ट चले गए। कोर्ट में कॉलेज प्रबंधन द्वारा गलत तथ्य प्रस्तुत किए गए, जिस पर कोर्ट ने कॉलेजों को अस्थायी तौर पर छात्रों को प्रवेश देने का अधिकार दे दिया। इसके बाद आगे कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि इस मामले में आयुष मंत्रालय निर्णय ले। आयुष मंत्रालय ने निर्णय ले हुए ऐसे कॉलेजों का सत्र 2016-17 व 2017-18 के लिए शून्य घोषित कर दिया। सत्र शून्य होने का मतलब ऐसे कॉलेज छात्रों को प्रवेश नहीं दे सकते।
मान्यता नहीं होने पर काउंसिल नहीं करेगी रजिस्ट्रेशन: बीएचएमएस कोर्स की आयुष मंत्रालय से मान्यता नहीं मिलने पर ऐसे छात्र यदि डिग्री भी पूरी कर लेते हैं तो भी स्टेट काउंसिल आफ होम्योपैथी रजिस्ट्रेशन नहीं करेगी। इससे छात्रों का करियर तबाह हो जाएगा, क्योंकि ऐसे छात्र प्रैक्टिस नहीं कर पाएंगे। वहीं छात्रों का कहना है कि लाखों रुपए फीस देने के बाद भी यदि उन्हें प्रैक्टिस करने का अधिकार नहीं मिला तो उनका भविष्य चौपट हो जाएगा। इस मामले में उनकी क्या गलती।
शेड्यूल तैयार नहीं: आल इंडिया हज कमेटी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एमए खान ने बताया कि हज यात्रा की फ्लाइट 4 जुलाई से रवाना होगी और 18 जुलाई तक जाएंगी। वापसी की शुरुआत 18 अगस्त से होगी। अभी फ्लाइट्स का पूरा शेड्यूल तैयार नहीं हुआ है। शेड्यूल एयर लाइंस से टैंडर प्रक्रिया पूरी होने पर उससे जो करार होगा, उसके बाद तय किया जाएगा कि भोपाल समेत किस शहर से कब फ्लाइट किन-किन तारीख में और कितनी रवाना होंगी। ये फ्लाइट किसी दिन एक तो किसी दिन दो भी रवाना हो सकती है। यह हज यात्रियों की संख्या पर निर्भर करेगा।
192 लोग जाना चाहते हैं सीधे: सीईओ खान ने कहा कि भोपाल से 192 लोगों ने सीधे सऊदी अरब के लिए फ्लाइट उपलब्ध कराने के लिए आवेदन दिया है। जिन एयर लाइंस से अनुबंध होगा, उससे इस संबंध में चर्चा कर विमान सेवा उपलब्ध कराने के हर संभव प्रयास करेंगे। संख्या कम होने के कारण एक ही फ्लाइट से काम चल जाएगा। जिन लोगों ने आवेदन दिया है, उसमें उन्होंने यह लिखा है कि वे बगैर सब्सिडी वाला जो भी किराया भोपाल एयरपोर्ट से तय होगा, उसे देने के लिए तैयार हैं। गत वर्ष भोपाल से सीधे सऊदी जाने के लिए 276 लोगों ने आवेदन किए थे, तब उन्हें यहां से रवाना करने के लिए दो विमान उपलब्ध कराए गए थे।
इसलिए हुआ ऐसा: मप्र हज कमेटी के सीईओ दाउद खान ने बताया कि हज यात्रा पर से सब्सिडी खत्म होने के बाद गत वर्ष से भोपाल व इंदौर इंबार्केशन पाइंट खत्म कर दिए गए थे। इस कारण भोपाल व इंदौर एयरपोर्ट से हज यात्रा की सीधी फ्लाइट सेवा बंद कर यात्रियों को मुंबई से रवाना किया गया था। साथ में यह सुविधा प्रदान की गई थी कि जो लोग भोपाल एयरपोर्ट से सीधे सउदी जाना चाहते थे, उन्हें विमान एजेंसी से तय हुआ किराया देने की शर्त पर यह सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष हज यात्रा पर भोपाल समेत पूरे प्रदेश से 4640 लोग जाएंगे। ये सभी वे यात्री हैं, जिनका हज कमेटी द्वारा चयन किया गया है। इनमें 70 साल से अधिक आयु के रिजर्व श्रेणी के 793 लोग व 27 अन्य केटेगरी में रिजर्व लोग शामिल हैं।